इसबगोल एक आसान, सस्ता और प्राकृतिक उपाय

इसबगोल एक आसान, सस्ता और प्राकृतिक उपाय

जिन लोगों को कब्ज़ या पेट की गड़बड़, खराब हाज़मा जैसी परेशानियां रहतीं हैं, उनके लिए इसबगोल एक आसान, सस्ता और प्राकृतिक उपाय है। इसबगोल की तासीर ठंडी होती है, इसे कब्ज़, पेचिश और आँत के रोगों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसबगोल पेट की आँतों में फंसे मल को निकाल कर पेट साफ़ करता है। यूं तो इसबगोल को पेट साफ़ करने में सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है, पर इसके और भी कई गुण हैं जो इसे ख़ास और उपयोगी बनाते हैं-

1. अल्सर में फायदेमंद

इसबगोल का नियमित सेवन करने से यह पेट में बने अल्सर के ऊपर एक सुरक्षित कवर-सा बना देता है, जिसके कारण तीखा खाने का कोई बुरा प्रभाव अल्सर पर नहीं पड़ पाता।

2. पेट की जलन को करता है शांत

इसबगोल की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह पेट में होने वाली जलन को शांत करने में सहायक होता है।

3. पित्त को सोखने में सहायक

इसबगोल पित्त को बहुत हद तक सोखने में कारगर है, इस तरह यह एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को भी कम करके आपको स्वस्थ रख सकता है।

4. दस्त रोकने में कारगर

इसबगोल के बीज भून कर सेवन करने से दस्त रूक जातें हैं।

5. दांत दर्द में भी कारगर

इसबगोल की भूसी सिरके में डुबाकर दर्द कर रहे दांत पर लगाने से दांत के दर्द में आराम मिलता है।

6. पेशाब में जलन की समस्या में कारगर

अगर आप पेशाब में जलन की समस्या से पीड़ित हैं तो एक गिलास पानी में चार चम्मच इसबगोल की भूसी एक चम्मच चीनी के साथ लेना फायदेमंद रहेगा।

इसबगोल सेवन करने का तरीका :

इसबगोल की भूसी को दो-तीन घंटे एक कप पानी में डालकर छोड़ दें। जब यह अच्छी तरह से फूल जाए फिर इसे खूब घोलकर इसमें जरुरत भर चीनी मिला लें। इसके बाद इसका सेवन करें।

7. गॉल ब्लैडर में पथरी बनने से रोकने में सहायक

इसबगोल का नियमित सेवन गॉल ब्लैडर में पथरी बनने से रोकने में काफी कारगर है। साथ ही बवासीर के रोग में मलत्याग करते समय होने वाले असहनीय दर्द को भी इसबगोल का सेवन काम करने में कारगर है। इस तरह प्रकृति की यह भेंट पेट के कई रोगों और परेशानियों में रामबाण का काम करती है। खासतौर पर आँतों से मल निकालकर पेट हल्का और साफ़ करने में इसबगोल से बेहतर और कोई उपाय नहीं है।


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