दालचीनी के लाभकारी गुण

दालचीनी के लाभकारी गुण

मुख्यतः दालचीनी की छाल और तेल का उपयोग किया जाता है, वह भी बहुत सीमित मात्र में। इसका तेल अम्लीय तत्वयुक्त होने से कीट-कृमि का नाश करने में उपयोगी सिद्ध होता है। इसका उपयोग गर्भवती के लिए वर्जित किया गया है और चूंकि अधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन करना हानिकारक होता है इसलिए अधिक मात्रा में इसका सेवन करना सभी के लिए वर्जित किया गया है। यहां कुछ लाभकारी प्रयोग प्रस्तुत किये जा रहे हैं :

सिरदर्द :

- सर्दी के प्रभाव से होने वाला सिरदर्द दूर करने के लिए दालचीनी का तेल 1-2 बूंद माथे पर लगाकर मलना चाहिए।

उदर रोग :

- दालचीनी का चूर्ण तथा पिसा कत्था 1-1 ग्राम मिलाकर सुबह-शाम पानी के साथ फांकने से, अपच के कारण होने वाले दस्त बंद होते हैं।

- 5 ग्राम दालचीनी के चूर्ण में एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में 3 बार चाटने से अतिसार, जीर्णातिसार, ग्रहणी रोग तथा अफारे में लाभ होता है।

अजीर्ण :

- दालचीनी, सोंठ और इलायची-तीनों का महीन चूर्ण आधा-आधा ग्राम मिला कर (कुल मात्र डेढ़ या 2 ग्राम) भोजन के आधा घण्टे पहले फांक कर 1-2 घूंट पानी पी लें।

कोलेस्ट्रॉल :

- एक कप पानी में दो चम्मच मधु तथा तीन चम्मच दालचीनी चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन 3 बार सेवन करने से रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आती है।

तुतलाना :

- दालचीनी का एक जरा सा टुकड़ा मुंह में रख कर, लगातार कई दिनों तक चूसने से तुतलाना बंद होता है।

खांसी :

- हलक में जो कागला लटका रहता है उस पर दालचीनी और माजूफल का महीन चूर्ण समभाग मिलाकर, अंगुली से लगाना चाहिए और लार थूकते रहना चाहिए। इस प्रयोग से खांसी ठीक होती है।

चर्म रोग :

- शहद एवं दालचीनी का पेस्ट बनाकर रोगग्रसित त्वचा पर लगाने से थोड़े दिनों में खुजली, खाज तथा फोड़े-फुन्सी नष्ट हो जाते हैं।


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