फिटकरी के फायदे व उपयोग

फिटकरी के फायदे व उपयोग

फिटकरी को अंग्रेजी में एलम Alum कहते है। ये दरअसल पोटेशियम एल्युमिनीयम सल्फेट है। फिटकरी में कई प्रकार के औषधीय गुण होते है। इसमें चोट लगने पर खून बहना बंद करने का विशेष गुण होता है तथा साथ ही ये एंटीसेप्टिक और एंटी बैक्टीरियल की तरह काम करती है । इन्ही गुणों की वजह से इसे शेविंग के बाद दाढ़ी पर मलते है। आज भी गावों में यही परम्परा है।

गंदे पानी में फिटकरी डालने से पानी की गंदगी अलग हो जाती है। ये सामान्य उपयोग लगभग सभी जानते है। लेकिन इसके गुण यहीं तक सीमित नहीं हैं । खास उपयोग जो रोजाना की जिंदगी में आपके बहुत काम आ सकते है, यहाँ दिए गए है।

- पनीर बनाने के लिए दूध को पिसी हुई फिटकरी डालकर फाड़ें । इस प्रकार बना हुआ पनीर अधिक स्वादिष्ट व मुलायम बनता है।

- पशु पक्षी आदि को लगी चोट में फिटकरी फायदेमंद होती है। पतंग के मांझे से घायल पक्षी को लगी चोट फिटकरी घुले पानी से धोएँ। ये पानी उसे थोड़ा सा पिला दें। इससे पक्षी जल्दी ठीक हो जाएगा। इसी प्रकार पशु को लगी चोट भी ठीक हो सकती है।

- गर्म पानी में फिटकरी और नमक मिलाकर गरारे व कुल्ला करने से गले की खराश, मुंह की बदबू आदि ठीक हो जाते है।

- मसूड़ों से खून आता हो तो फिटकरी घुले पानी के कुल्ला करने से ठीक होता है।

- चेहरे की झुर्रियाँ मिटाने के लिए फिटकरी के टुकड़े को पानी में डुबोकर चेहरे पर हल्के हाथ से मलें। सूखने पर सादा पानी से धो लें। कुछ ही दिन में झुर्रियां मिट जाएँगी।

- यदि जहरीला कीड़ा या बिच्छू काट ले तो पानी में फिटकरी का पाउडर डालकर गाढ़ा घोल बनाकर लगाने से आराम मिलता है।

- दांत में दर्द हो तो फिटकरी और काली मिर्च बराबर मात्रा में पीस कर इसे लगाएं। इससे दर्द कम हो जाता है।

- शरीर पर लगी छोटी चोट से खून बह रहा हो तो फिटकरि का पाउडर चोट पर छिड़कने से खून रिसना बंद हो जाता है।

- सिर में जुएँ हो गई हों तो फिटकरी मिले पानी से कुछ दिन सिर धोने से जुएँ खत्म हो जाएँगी।

- बवासीर में फिटकरी का पाउडर मक्खन में मिलाकर मस्सों पर लगाएं, लाभ होगा। फिटकरी मिले पानी से गुदा को भी चार पांच बार धोएँ। एक टब में फिटकरी मिला हुआ गुनगुना पानी भर लें। इसमें बैठ कर सिकाई करने से बवासीर में आराम मिलता है। ये उपाय करने से खूनी बवासीर भी ठीक हो जाते है।

- नकसीर आने पर फिटकरी के गाढ़े घोल ( पानी में ) में रुई डुबोकर नाक में लगाने से नकसीर बंद हो जाती है। इस घोल की दो-दो बूंद नाक में डालने से भी नकसीर बंद होती है।

- सूखी खांसी, कफ वाली खांसी या दमा की शिकायत हो तो फिटकरी को पीस कर तवे पर भून लें। इस भुनी फिटकरी में दुगनी मात्रा पिसी हुई मिश्री मिला दें। ये मिश्रण आधा चम्मच सुबह शाम कुछ दिन लेने से बहुत लाभ होगा।

- दस्त होने पर बील के जूस में दो चुटकी फिटकरी मिलाकर पीने से दस्त बंद हो जाते है।

- घाव के लिए फिटकरी को भूनकर पीसकर घी में मिला लें। इसे घाव पर लगाने से घाव मिट जाता है।

- सर्दी के मौसम में हाथ पैरों में सूजन व जलन हो तो गर्म पानी में फिटकरी घोलकर इससे दिन में दो तीन बार धोएँ। आराम मिलेगा।

- यदि पसीना ज्यादा आता हो तो नहाने के पानी में फिटकरी घोलकर नहाएँ। पसीना आना कम हो जाएगा। शरीर से बदबू आती हो तो भी मिट जाएगी।

- बुखार होने पर आधा चम्मच सौंफ के पाउडर में दो चुटकी पिसी फिटकरी मिलाकर बताशे के साथ खाने से बुखार उतर जाता है।

- जंगल सफारी, ट्रैकिंग या कैंप आदि के लिए जाते समय अपने साथ इसे जरूर ले जाएँ। फिटकरी बहुत काम आ सकती है।


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