बीमारियों में कारगर है गुणकारी मूली और इसके पत्ते

बीमारियों में कारगर है गुणकारी मूली और इसके पत्ते

पूरे साल मिलने वाली मूली हमारे भोजन में तो स्वाद बढ़ाती ही है, अपनी अनेक खूबियों के कारण यह कई बीमारियों में भी बेहद कारगर साबित होती है। सालभर मिलने वाली मूली पौष्टिकता से भी भरपूर होती है। प्रति सौ ग्राम मूली में मिलने वाले पोषक तत्वों में प्रोटीन 7 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 3-4 ग्राम, वसा 1 ग्राम, ऊर्जा 17 मिग्रा, खनिज 6 ग्राम, कैल्शियम 35 मिग्रा, फाइबर 8 ग्राम, फास्फोरस 22 मिग्रा-, नायोसन 5 मिग्रा-, विटामिन-सी 15 मिग्रा-, आयरन 4 मिग्रा-, कैरोटिन 3 मिग्रा- और पानी 94-4 ग्राम पाया जाता है। कई लोगों को मूली खाने के बाद डकार के साथ या बिना डकार थोड़ी बदबू जरूर आती है, जिसे दूसरे लोग पसंद नहीं करते, लेकिन इसका कोई नुकसान नहीं होता।

पत्ते भी फायदेमंद :

अक्सर लोग मूली खाकर उसके पत्तों को फेंक देते हैं, जबकि पत्तों में भी स्वाद तथा पोषण काफी मात्रा में पोषक तत्व होते हैं। उन्हें भूजी-सब्जियां, परांठों में प्रयोग करें। इसमें पतली-पतली फलियां भी आती हैं जिसे मोंगर या मोंगरा के नाम से जाना जाता है। इन फलियों की सब्जियां बहुत स्वादिष्ट बनती हैं। हमेशा छोटी, पतली तथा ताजा मूली का ही प्रयोग करें।

हड्डियों को मजबूती दें :

मूली खाने से शरीर की विषैली गैस (कार्बन डाई ऑक्साइड) का निष्कासन होता है तथा जीवनदायी ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। मूली खाने से दांत, मसूड़े मजबूत होते हैं, हड्डियों में मजबूती आती है। थकान मिटाने और नींद लाने में भी मूली सहायक है।

पीलिया में फायदेमंद :

यह उच्च रक्तचाप, बवासीर की तकलीफ में लाभकारी है। इसका रस पीने से मूत्र रोगों में भी लाभ होता है। पीलिया रोग में ताजा मूली का प्रयोग बहुत ही उपयोगी है।

मोटापा से मुक्ति दिलाएं :

आज की महाबीमारी मोटापा से परेशान हैं तो इसके रस में नींबू व नमक मिलाकर नियमित सेवन करें, लाभ होगा। सिर में जूं पड़ रही हों तो इसका रस पानी में मिलाकर धोएं।

चेहरा दमकाएं :

हम सभी खूबसूरत दिखना चाहते हैं लेकिन मुंहासे और झाइयां चेहरे की खूबसूरती छीन लेती हैं। अगर आप इससे मुक्ति के लिए काफी प्रयास कर चुके हैं तो इस बार मूली को आजमा कर देखें, लाभ होगा। मुंहासों के लिए मूली का टुकड़ा गोल काट कर मुंहासों पर लगाएं अैर तब तक लगाए रहें, जब तक यह खुश्क न हो जाए। थोड़ी देर बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें, काफी लाभ होगा। मुंहासे निकलना खून की खराबी का लक्षण है। मूली के सेवन से इस समस्या से मुक्ति मिलती है।

हीमोग्लोबिन की कमी दूर करें :

मूली के रस में समान मात्रा में अनार का रस मिलाकर पीने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।

दांतों को चमकाएं :

इसके खाने से रक्तविकार दूर होते हैं। त्वचा के दाग-धब्बे मिटते हैं। दांतों पर पीलापन हो तो मूली के टुकड़े पर नीबू का रस लगाकर दांतों पर धीरे-धीरे मलने से दांत साफ होंगे। इसके अलावा मूली को काट कर नीबू लगाकर छोटे-छोटे टुकड़े दांतों से काटकर धीरे-धीरे चबाएं। थोड़ी देर बाद उगल दें। ऐसा नियमित रूप से करने से दांतों पर चढ़ी पीली परतें हट जाएंगी।

पायरिया से राहत :

पायरिया से परेशान लोग मूली के रस से दिन में 2-3 बार कुल्ले करें और इसका रस पिएं तो लाभ होगा। मूली के रस से कुल्ले करना, मसूड़ों-दांतों पर मलना और पीना दांतों के लिए बहुत लाभकारी है। मूली को चबा-चबा कर खाना दांतों व मसूड़ों को निरोग करता है।

कब्ज से राहत दिलाएं :

कब्ज से परेशान हैं तो मूली पर नींबू व नमक लगाकर सवेरे खाएं, लाभ होगा। भोजन में मूली सलाद के रूप में लें तो और लाभ होगा। सुबह-शाम मूली का रस पीने से पुराने कब्ज में भी लाभ होता है। इस दौरान तला-भुना भोजन न खाएं।

पेट दर्द में कारगर :

पेट दर्द परेशान करे तो मूली का रस नीबू मिलाकर पिएं या मूली का आचार खाएं।

मुंह की दुर्गंध दूर करें :

मुंह से गंध आती हो तो मूली के पत्तों पर सेंधा नमक मिलाकर सवेरे-सवेरे रोज खाएं, दुर्गंध नष्ट होगी।


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