रोज खाएं संतरा और रहें हेल्दी

रोज खाएं संतरा और रहें हेल्दी

संतरा ऐसा फल है जिसकी खटास किसी को पसंद आती है तो किसी को नहीं। कुछ लोग ऐसे संतरे लेना पसंद करते हैं जिनकी खटास कम हो तो कोई संतरे के किसी भी टेस्ट को चखना पसंद करते हैं। वैसे संतरे के टेस्ट को छोड़ अगर यह बात करें कि यह फल गुणों से भरपूर है तो कोई भी इससे इंकार नहीं कर पाएगा।

सर्दी को रखेगा दूर :

संतरे में मौजूद विटामिन सी सर्दी को दूर रखने में मदद करता है। यह भी कहा जाता है कि सर्दी होने पर इस फल को खाना चाहिए, इससे बीमारी जल्दी दूर हो जाती है। हालांकि, हाल की कुछ स्टडीज में सामने आया था कि एक बार कोल्ड होने पर संतरा उसे दूर नहीं कर पाता। हालांकि, रोज इसका सेवन हो तब उस स्थिति में जरूर व्यक्ति इस बीमारी से बच सकता है। इसके साथ ही यह कान को भी इंफेक्शन से बचाता है।

स्किन नहीं होगी डैमेज :

संतरे में एंटी-ऑक्सिडेंट तत्व भी होते हैं जो स्किन को झुर्रियों से बचाते हैं। कहा जाता है कि यदि संतरे का रोजाना सेवन किया जाता है तो यह यंग लुक को बनाए रखने में मदद करता है।

ब्लड प्रेशर में फायदेमंद :

संतरे में बी6 विटामिन बड़ी मात्रा में होता है। यह शरीर में हिमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। वहीं फल में मौजूद हेस्परिडिन ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।

गर्भावस्‍था में संतरा है वरदान :

गर्भावस्‍था में महिलाओं का अक्‍सर खट्टी चीजें खाने का मन करता है। क्‍यूं न कुछ ऐसा हो जाए जो आपको पसंद आने के साथ-साथ आपके गर्भ में पल रहे बच्‍चे को भी पोषण दे। विटामिन सी से भरपूर संतरा इसका एक बेहतर विकल्‍प हो सकता है। यह न सिर्फ आपकी जुबान को साफ करता है बल्कि आपके गर्भ में पल रहे बच्‍चे को भी फायदा पहुंचाता है। संतरे में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होने के कारण मां और बच्‍चे दोनों का इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होता है। गर्भवती महिलाएं आयरन की गोली यदि संतरे के जूस के साथ पिएं तो उनके शरीर में हीमोग्‍लोबिन का स्‍तर बढ़ता है।अधिकांश डॉक्‍टर गर्भवती महिला को संतरे का सेवन करने की सलाह देते हैं। गर्भवती महिला के शरीर में रोजाना कम से कम 80 से 85 मिग्रा विटामिन सी जरूर पहुंचना चाहिए। इससे बच्‍चे का दिमाग स्‍वस्‍थ रहता है। गर्भावस्‍था में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है। मगर संतरे के रोजाना सेवन से शरीर में पानी की प्रचुर मात्रा बनी रहती है। इसके साथ ही सोडियम और पॉटेशियम की मात्रा भी संतुलित बनी रहती है। गर्भावस्‍था में महिलाएं अक्‍सर तनाव और अवसाद से घिर जाती हैं। इसका कारण हॉर्मोनल चेंज होते हैं। इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे बच्‍चे के ऊपर पड़ता है। संतरे में पॉटेशियम की जरूरी मात्रा होने से ब्‍लड प्रेशर नियंत्रित रहता है। इस कारण तनाव की आशंका कम हो जाती है। संतरे में फोलेट भी पर्याप्‍त मात्रा में होता है। गर्भावस्‍था में खून की अक्‍सर कमी होने लगती है। ऐसे में ब्‍लड सेल्‍स के निर्माण के लिए फोलेट की आवश्‍यकता होती है, जो कि संतरे से पूरी होती रहती है।

कोलेस्ट्रॉल करता है कम :

संतरा कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद polymethoxylated flavones कोलेस्ट्रॉल को ज्यादा प्रभावी तरीके से कम करता है। माना जाता है कि संतरे का यह गुण कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली कुछ दवाइयों से भी बेहतर है।

आंखों के लिए अच्छा है संतरा :

संतरा कैरोटेनोइड्स का रिच सोर्स है। इसमें मौजूद विटामिन-ए आंख में मौजूद म्यूकस मेंबरेन को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है। इतना ही नहीं यह उम्र के साथ नर्व को होने वाले नुकसान, जिससे व्यक्ति अंधा भी हो सकता है, उस स्थिति से भी बचाता है। संतरा आंखों को सूर्य की रोशनी अब्जॉर्ब करने में भी मदद करता है।


Share it
Top
To Top