जामुन : मधुमेह की रामबाण औषधि

जामुन :  मधुमेह  की  रामबाण  औषधि

बरसात का मौसम है और जामुन के पेड फलों से लदे हुए हैं। चारों तरफ जामुन की बहार है। ऐसे में अगर आपका मन जामुन खानें को करें तो अवश्य खाएं क्योंकि जामुन फल स्वादिष्ट तो है ही, आयुर्वेद में भी इसका महत्व है और इसमें कई चिकित्सीय गुण भी हैं।

मधुमेह के रोगियों के लिए तो जामुन रामबाण औषधि है क्योंकि यह शुगर कन्ट्रोल करता है। जामुन के फल में जेम्बोलिन नामक पदार्थ होता है, जो भोजन के साथ ग्रहण किए गए स्टार्च को शुगर में नहीं बदलने देता, जिससे रक्त में शुगर सामान्य स्तर पर रहती है।

जामुन के गूदे में 72 प्रतिशत जल होता है। इससे 14 प्रतिशत कार्बोहाइडे्रटस, अल्प मात्रा में प्रोटीन तथा वसा होती है। इसके अलावा विटामिन ए.बी.सी., मेलिक एसिड, आग्जैलिक एसिड तथा टैनिन होता है। जामुन के फल में बहुत चिकित्सीय गुण भी हैं।

जामुन फल को पचाने वाला तथा भूख बढाने वाला माना जाता है। फल के रूप में जामुन भारी, मलरोधक ठंडा, मीठा, कसैला, कफ तथा पीतनाशक है। यह गर्मी को भी शान्त करता है। जामुन के फल को सेंधा नमक मिलाकर लेने से बढा हुआ यकृत ठीक हो जाता है। गला खराब हो तो जामुन की गुठलियों का चूर्ण शहद लगाकर खाने से गला तुरंत ठीक हो जाता है।

जामुन की गुठली 500 ग्राम, सौंठ 50 ग्राम, गुडमार 50 ग्राम इन सबको घोटकर गोलियां बना लें। दिन में तीन बार सेवन करने से मधुमेह रोग दूर होता है। जामुन की गुठली बारीक करके चार-चार ग्राम सुबह शाम 100 ग्राम ताजे पानी के साथ 20 दिन तक खाने से खूनी दस्त में लाभ मिलता है। जामुन की छाल रक्त विकारों को दूर करती हैं तथा पित्त में लाभकारी है।

जामुन की ताजा हरी छाल 25 ग्राम पानी में रगडकर सुबह शाम पीने से माहवारी में ज्यादा खून आने को रोकता है। जामुन की ताजा छाल को छाया में सुखाकर बारीक करके 4x4 ग्राम सुबह शाम गाय के दूध के साथ खाने से औरतों के श्वेत प्रदर रोग में लाभकारी है। जामुन की छाल को बारीक करके मंजन करने से दांतों की सब बीमारियां दूर होती हैं।

जामुन के 60 ग्राम ताजे हरे पत्ते बारीक करके पानी में रगडकर छान कर 10 दिन तक पिएं, इसके 2 महीने बाद फिर 10 तक लें। मधुमेह को दूर करने की यह उत्तम औषधि है। रोग की प्रारंभिक अवस्था में जामुन के चार पत्ते प्रात: सायं खाने से तीसरे दिन ही मधुमेह में लाभ मिलता है। जामुन की कच्ची कोंपले तथा पत्तों को पानी में घोंटकर कुल्ला करने से मुंह के छालों में तुरंत आराम मिलता है।

नमक लगाकर जामुन खाने से पाचन शक्ति तेज होती है। अगर कोई व्यक्ति आम ज्यादा खा ले तो ऊपर से तीन-चार जामुन खाने से आम आसानी से हजम हो जाएंगे। जामुन का रस एक अच्छा प्राकृतिक रंग भी है। लगभग दस लीटर गुनगुने पानी में 10x15 जामुन डालकर अच्छी तरह पक कर प्राकृतिक जामुनी रंग भी बनाया जा सकता है।


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